











































Officials and staff recognized with certificates of appreciation for their excellent work in the effective implementation of Ayushman schemes
बलरामपुर। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की आठवीं एवं आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन की पांचवीं वर्षगांठ के अवसर पर जनपद के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए श्रावस्ती स्थित एक आयोजन परिसर में आयुष्मान संवाद एवं प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में दोनों महत्वपूर्ण स्वास्थ्य योजनाओं की उपलब्धियों, अब तक के अनुभवों प्रभावी क्रियान्वयन तथा भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की गई। कार्यशाला का शुभारंभ डीएम डॉ. विपिन कुमार जैन मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु गुप्ता एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।
डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने में चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका :डीएम
कार्यशाला को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक पारदर्शी एवं जनसुलभ बनाने की दिशा में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन एक महत्वपूर्ण पहल है। इसके माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं का डिजिटलीकरण कर आमजन को बेहतर एवं सुगम चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं। डीएम ने कहा डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने में हेल्थ प्रोफेशनल अर्थात चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों तथा हेल्थ फैसिलिटी अर्थात स्वास्थ्य संस्थानों की अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं चिकित्सकों को निर्देशित किया कि मिशन के अंतर्गत निर्धारित डिजिटल स्वास्थ्य प्रक्रियाओं को प्रभावी ढंग से अपनाया जाए तथा स्वास्थ्य संस्थानों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा सभी संबंधित विभागों चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य संस्थानों के आपसी समन्वय तथा सक्रिय सहयोग से डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सकता है।
इसके लिए आवश्यक है कि सभी अधिकारी एवं कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरतापूर्वक निर्वहन करें तथा योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक सुगमता से पहुंचाना सुनिश्चित करें। आयुष्मान कार्ड निर्माण कैशलेस उपचार एवं डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर प्रशिक्षण कार्यशाला के दौरान आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड बनाए जाने, सूचीबद्ध राजकीय एवं निजी चिकित्सालयों में उपचार सुविधाओं की उपलब्धता तथा लाभार्थियों को योजना के अंतर्गत कैशलेस उपचार का लाभ प्रदान किए जाने से संबंधित विभिन्न प्रक्रियाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके साथ ही आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के अंतर्गत डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, हेल्थ प्रोफेशनल एवं हेल्थ फैसिलिटी से संबंधित प्रक्रियाओं तथा सांचीज से जुड़े विभिन्न तकनीकी एवं प्रशासनिक पहलुओं की जानकारी प्रदान की गई। कार्यशाला में योजनाओं के क्रियान्वयन के दौरान आने वाली चुनौतियों, व्यावहारिक अनुभवों तथा उनके समाधान के उपायों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार विभागीय समन्वय एवं योजनाओं की प्रभावशीलता बढ़ाने पर विशेष बल दिया गया। कार्यशाला में जनपद बलरामपुर के चिकित्सा अधिकारियों, स्वास्थ्य विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों तथा कर्मचारियों ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम का उद्देश्य आयुष्मान भारत योजनाओं के संबंध में अधिकारियों एवं कर्मचारियों की दक्षता में वृद्धि करना, डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देना विभागीय समन्वय को सुदृढ़ बनाना तथा जनपद के पात्र लाभार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ सुनिश्चित करना रहा।
उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर किया सम्मानित
कार्यशाला के दौरान आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना एवं आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन में उत्कृष्ट योगदान देने वाले जनपद बलरामपुर के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर योजनाओं के सफल संचालन में उनके योगदान की सराहना की गई तथा अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भी पूरी प्रतिबद्धता एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य करते हुए पात्र लाभार्थियों तक स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यशाला में जनपद बलरामपुर के चिकित्सा अधिकारियों, स्वास्थ्य विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों तथा कर्मचारियों ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम का उद्देश्य आयुष्मान भारत योजनाओं के संबंध में अधिकारियों एवं कर्मचारियों की दक्षता में वृद्धि करना डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देना विभागीय समन्वय को सुदृढ़ बनाना तथा जनपद के पात्र लाभार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ सुनिश्चित करना रहा।







हुज़ैफ़ा अबरार October 13 2026 0 938
हुज़ैफ़ा अबरार October 11 2026 0 245
हुज़ैफ़ा अबरार October 14 2026 0 238
हुज़ैफ़ा अबरार October 14 2026 0 203
हुज़ैफ़ा अबरार October 14 2026 0 154
हुज़ैफ़ा अबरार October 09 2026 0 5894
हुज़ैफ़ा अबरार October 13 2026 0 938
हुज़ैफ़ा अबरार October 01 2026 0 805
हुज़ैफ़ा अबरार October 04 2026 0 721
हुज़ैफ़ा अबरार October 09 2026 0 679
हुज़ैफ़ा अबरार October 01 2026 0 609
हुज़ैफ़ा अबरार August 14 2026 0 10010
एस. के. राणा February 01 2026 0 6293
एस. के. राणा January 20 2026 0 6132
हुज़ैफ़ा अबरार October 09 2026 0 5894
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 5747
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 5684
एस. के. राणा January 13 2026 0 5236
सौंदर्या राय April 11 2022 0 87554
सौंदर्या राय April 08 2022 0 35785
सौंदर्या राय April 07 2022 0 38741
सौंदर्या राय April 05 2022 0 36211
लेख विभाग March 19 2022 0 35798
सौंदर्या राय March 16 2022 0 73743
हेल्थ जागरण ने सद्गुरु से प्राचीन वैदिक मूल स्वास्थ्य सिद्धांतों के तहत पूरी दुनिया को लाने का सवाल
21 वर्षीय युवक की रोड एक्सीडेंट में ट्रॉमेटिक ब्रेन इंजरी होने के चलते मृत्यु हो गई थी। जिसके पश्चात
सर्दी-जुकाम और बुखार की समस्या लोगों में तेजी से फैल रही है। वहीं युवा वर्ग इस तरह की बीमारी की जद्द
यूपी एनएचएम भर्ती 2021 अभियान के माध्यम से 2900 से ज्यादा खाली पद भरे जाएंगे। इच्छुक और योग्य उम्मीद
जिला अस्पताल में 26 जनवरी को राष्ट्रीय कैंसर निवारण कार्यक्रम के अंतर्गत नि:शुल्क कैंसर परामर्श तथा
जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है वैसे-वैसे आंखों की रोशनी को लेकर समस्याएं आने लगती हैं। आयुर्वेद में कुछ ऐसी
हरियाणा में बीते 8 साल में सबसे ज्यादा मौत दर्ज हुई हैं। 15 नवंबर, 2022 के आंकड़ों के मुताबिक हरिया
दुर्घटनाओं बड़ी सर्जरी और गंभीर बीमारियों के इलाज में रक्त की लगातार आवश्यकता रहती है। ऐसे में स्वैच
उत्तर प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों और स्टाफ का नाम हिंदी के साथ-साथ उर्दू में भी लिखने का आदेश देन
एमाइलॉयडोसिस के कई अलग-अलग प्रकार हैं। कुछ प्रकार वंशानुगत होते हैं। अन्य बाहरी कारकों के कारण होते

COMMENTS