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बलरामपुर। दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण आत्मनिर्भरता एवं उनके जीवन को सुगम बनाने की दिशा में जिला प्रशासन द्वारा निरंतर प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन एवं मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु गुप्ता द्वारा नील कोठी के समीप स्थित बचपन डे केयर सेंटर का निरीक्षण किया गया। इस दौरान उन्होंने केंद्र पर दिव्यांग बच्चों के लिए उपलब्ध शैक्षिक सुविधाओं, पठन-पाठन की गुणवत्ता, देखभाल, स्वच्छता एवं अन्य व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लिया। इस अवसर पर 15 पात्र दिव्यांगजनों को मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल का वितरण कर उन्हें आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनने की दिशा में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया गया। बच्चों से संवाद कर जिलाधिकारी ने परखी शिक्षा की गुणवत्ता, बेहतर शिक्षण व्यवस्था के दिए निर्देश-निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने बचपन डे केयर सेंटर में अध्ययनरत बच्चों से आत्मीय संवाद किया तथा उनकी शैक्षिक गतिविधियों एवं सीखने की प्रगति की जानकारी प्राप्त की।
उन्होंने बच्चों के पठन-पाठन शिक्षण पद्धति तथा केंद्र पर उपलब्ध शैक्षिक संसाधनों का अवलोकन किया। डीएम ने संबंधित शिक्षकों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया कि दिव्यांग बच्चों की विशेष आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं बेहतर देखभाल उपलब्ध कराई जाए। प्रत्येक बच्चे की क्षमता, रुचि एवं आवश्यकता के अनुरूप शिक्षण गतिविधियां संचालित की जाएं, जिससे बच्चों का शैक्षिक, मानसिक एवं सामाजिक विकास सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा दिव्यांग बच्चों में प्रतिभा एवं क्षमताओं की कोई कमी नहीं होती आवश्यकता उन्हें उचित मार्गदर्शन, प्रोत्साहन एवं अनुकूल वातावरण प्रदान करने की है। शिक्षकों एवं कर्मचारियों का दायित्व है कि वे संवेदनशीलता एवं समर्पण के साथ कार्य करते हुए बच्चों में आत्मविश्वास विकसित करें तथा उन्हें अधिक से अधिक आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रयास करें।
मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता, पौष्टिकता एवं स्वच्छता का किया निरीक्षण
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी द्वारा केंद्र पर बच्चों को उपलब्ध कराए जाने वाले मध्याह्न भोजन की व्यवस्था का भी जायजा लिया गया। उन्होंने भोजन की गुणवत्ता, पौष्टिकता, साफ-सफाई एवं वितरण व्यवस्था की जानकारी प्राप्त की। डीएम ने निर्देश दिए कि बच्चों को निर्धारित मानकों के अनुरूप स्वच्छ गुणवत्तापूर्ण एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाए। बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण का विशेष ध्यान रखा जाए तथा केंद्र परिसर में स्वच्छता एवं साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा दिव्यांग बच्चों के समुचित विकास के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ उचित पोषण, स्वास्थ्य एवं सुरक्षित वातावरण भी अत्यंत आवश्यक है। इसके दृष्टिगत केंद्र पर संचालित सभी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखा जाए।
15 दिव्यांगजनों को मिली मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल, आत्मनिर्भरता की दिशा में बढ़े कदम
निरीक्षण के अवसर पर दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में डीएम डॉ. विपिन कुमार जैन एवं मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु गुप्ता ने 15 पात्र दिव्यांगजनों को मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल का वितरण किया। मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल प्राप्त होने से लाभार्थियों को दैनिक आवागमन में सुविधा मिलेगी तथा शिक्षा, रोजगार, स्वरोजगार एवं अन्य आवश्यक कार्यों के लिए आने-जाने में होने वाली कठिनाइयों को कम करने में सहायता मिलेगी। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना तथा उन्हें सम्मानजनक एवं आत्मनिर्भर जीवन जीने के अवसर उपलब्ध कराना शासन एवं जिला प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है।
उन्होंने कहा दिव्यांगजन सशक्तिकरण की विभिन्न योजनाओं का उद्देश्य केवल सहायता उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि दिव्यांगजनों को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने और अपनी क्षमताओं का पूर्ण उपयोग करने के अवसर प्रदान करना है। मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल के माध्यम से लाभार्थियों की दूसरों पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी तथा वे अपने दैनिक कार्यों को अधिक सहजता एवं आत्मविश्वास के साथ संपन्न कर सकेंगे। जिला प्रशासन द्वारा दिव्यांगजनों के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया जा रहा है, ताकि पात्र दिव्यांगजनों को आवश्यक सहायता सुविधाएं एवं अवसर उपलब्ध कराकर उनके जीवन स्तर में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सके। इस दौरान जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी, बचपन डे केयर सेंटर के संबंधित अधिकारी, शिक्षक एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।







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