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बलरामपुर। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी सुलभ एवं तकनीक आधारित बनाने की दिशा में जनपद बलरामपुर में महत्वपूर्ण पहल की गई है। जडीएम डॉ. विपिन कुमार जैन के निर्देशन में चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा जनपद मुख्यालय सहित सभी सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर 24×7 मातृ एवं शिशु सहायता कॉल सेंटर स्थापित किए गए हैं। इस पहल का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं, विशेष रूप से उच्च जोखिम (High Risk Pregnancy-HRP) वाली महिलाओं एवं नवजात शिशुओं की निरंतर निगरानी करते हुए समय पर आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। इस व्यवस्था के तहत 24 घंटे संचालित हेल्पलाइन (7704995639) प्रारंभ की गई है, जहां प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी 8-8 घंटे की तीन शिफ्टों में अपनी सेवाएं देंगे। कॉल सेंटर के माध्यम से गर्भवती महिलाओं का नियमित फॉलोअप किया जाएगा तथा उनकी स्वास्थ्य स्थिति की निरंतर जानकारी ली जाएगी। आवश्यकता के अनुसार उन्हें प्रसव पूर्व जांच, नियमित टीकाकरण, पोषण, संस्थागत प्रसव, नवजात शिशु की देखभाल तथा अन्य आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं के संबंध में परामर्श उपलब्ध कराया जाएगा।
विशेष रूप से उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की अलग से मॉनिटरिंग की जाएगी। यदि किसी महिला में स्वास्थ्य संबंधी जटिलता अथवा आपात स्थिति की संभावना दिखाई देती है तो कॉल सेंटर के माध्यम से तत्काल संबंधित स्वास्थ्य इकाई से समन्वय स्थापित कर 108 एम्बुलेंस सेवा, चिकित्सकीय परामर्श तथा आवश्यक उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाएगी। इससे समय पर उपचार उपलब्ध होने के साथ मातृ एवं
शिशु मृत्यु दर में कमी लाने में भी सहायता मिलेगी। कॉल सेंटर केवल स्वास्थ्य परामर्श तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि गर्भवती महिलाओं को निर्धारित समय पर स्वास्थ्य जांच, संस्थागत प्रसव, प्रसवोत्तर देखभाल, नवजात शिशु के टीकाकरण, स्तनपान एवं परिवार नियोजन जैसी महत्वपूर्ण सेवाओं से भी लगातार जोड़े रखेगा। इससे स्वास्थ्य विभाग को प्रत्येक लाभार्थी की वास्तविक समय में निगरानी करने और आवश्यकतानुसार त्वरित कार्रवाई करने में सुविधा होगी।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुकेश कुमार ने बताया कि इस अभिनव व्यवस्था से गर्भवती महिलाओं एवं उनके परिजनों को घर बैठे स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक मार्गदर्शन प्राप्त होगा। समय पर संपर्क एवं नियमित फॉलोअप के माध्यम से गर्भावस्था से जुड़ी जटिलताओं की शीघ्र पहचान कर उचित चिकित्सकीय हस्तक्षेप सुनिश्चित किया जा सकेगा। साथ ही सुरक्षित एवं शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव को बढ़ावा मिलेगा। डीएम ने कहा जनपद में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। तकनीक आधारित इस हेल्पलाइन व्यवस्था से प्रत्येक गर्भवती महिला तक समय पर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने, उच्च जोखिम वाले मामलों की सतत निगरानी करने तथा नवजात शिशुओं की बेहतर देखभाल सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि कॉल सेंटर के माध्यम से सभी लाभार्थियों से नियमित संपर्क बनाए रखें तथा प्रत्येक जरूरतमंद महिला को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। यह पहल सुरक्षित मातृत्व स्वस्थ नवजात और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के लक्ष्य की दिशा में जनपद बलरामपुर का एक महत्वपूर्ण एवं जनहितकारी कदम साबित होगी।







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