











































Dr ved prakash
लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के पल्मोनरी और क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग 08, 09 अगस्त को पीएच समिट पल्मोनरी हाइपरटेंशन पर इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस कर रहा है। दो दिवसीय पीएच समिट में देश विदेश के चिकित्सा विशेषज्ञ शामिल होंगे। केजीएमयू स्थित शताब्दी अस्पताल के आडिटोरियम में आयोजित इस समिट उद्घाटन उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक करेंगे। यह जानकारी केजीएमयू के पल्मोनरी और क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डा. वेद प्रकाश ने शुक्रवार को अपने विभाग में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान दी। केजीएमयू के रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डा. सूर्यकांत ने बताया कि पल्मोनरी हाइपरटेंशन एक ऐसी स्थिति है जो फेफड़ों की रक्त वाहिकाओं को प्रभावित करती है और तब होती है जब फेफड़ों में रक्तचाप सामान्य से अधिक हो जाता है। इसलिए हृदय को फेफड़ों में रक्त पंप करने के लिए अधिक प्रयास करना पड़ता है। सांस फूलना, चक्कर आना और सीने में दर्द कुछ ऐसे लक्षण हैं जो हृदय पर इस बढ़े हुए दबाव के कारण हो सकते हैं।
डा. वेद प्रकाश ने बताया इस समिट में जाने-माने इंटरनेशनल स्पीकर यूएसए के डॉ. संदीप सहाय और आयरलैण्ड के डॉ. सैयद रेहान क्वादेरी शामिल होंगे। इनके साथ ही देश के कई जाने-माने एक्सपर्ट्स भी हिस्सा लेंगे, जिनमें डॉ. दिगंबर बेहरा, डॉ. ध्रुव चौधरी, डॉ. शुभाकर कंडी, डॉ. जूलियस पुन्नेन, डॉ. प्रकाश एस, डॉ. प्रशांत बोभाते, डॉ. आलोक नाथ, डॉ. सत्यवीर यादव, डॉ. बाशा जलाल खान, डॉ. अदिति सिंघवी, डॉ. ज़फ़र नियाज़, डॉ. अपार जिंदल और देश भर के कई अन्य एक्सपर्ट्स शामिल हैं। प्रेसवार्ता में पद्मश्री प्रो. राजेंद्र प्रसाद, रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डा. सूर्यकांत, कार्डियोलॉजी विभाग के प्रमुख प्रो. ऋषि सेठी, कार्डियो-थोरेसिक और वैस्कुलर सर्जरी विभाग के प्रो. विवेक टैवर्सन व रुमेटोलॉजी विभाग के प्रमुख प्रो. पुनीत कुमार उपस्थित रहे।
डा. वेद प्रकाश ने बताया पल्मोनरी हाइपरटेंशन के प्रकार
ग्रुप 1: पल्मोनरी आर्टेरियल हाइपरटेंशन (PAH)
ग्रुप 2: बाईं ओर की हृदय रोग के कारण पल्मोनरी हाइपरटेंशन
ग्रुप 3: हाइपोक्सिया / फेफड़ों की बीमारी के कारण पल्मोनरी हाइपरटेंशन
ग्रुप 4: क्रोनिक थ्रोम्बोएम्बोलिक पल्मोनरी हाइपरटेंशन (CTEPH)
ग्रुप 5: अज्ञात/कई कारणों से होने वाला पल्मोनरी हाइपरटेंशन
पल्मोनरी हाइपरटेंशन के कारण
पल्मोनरी हाइपरटेंशन (PH) का सटीक कारण ज्ञात नहीं है, लेकिन यह कुछ ऐसी चिकित्सीय स्थितियों के कारण हो सकता है जो फेफड़ों की रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाती हैं, अवरुद्ध करती हैं या प्रभावित करती हैं। इससे पल्मोनरी धमनियों में उच्च रक्तचाप हो जाता है। इसके प्रमुख कारण निम्नलिखित हैः- बाईं ओर की हृदय रोग फेफड़ों की बीमारियां और ऑक्सीजन का कम स्तर
फेफड़ों में रक्त के थक्के पल्मोनरी धमनी में परिवर्तन और अन्य चिकित्सीय स्थितियां: पल्मोनरी हाइपरटेंशन पल्मोनरी धमनियों की छोटी शाखाओं में परिवर्तन के परिणामस्वरूप हो सकता है, जो अक्सर जन्मजात हृदय दोष HIV संक्रमण पोर्टल हाइपरटेंशन संयोजी ऊतक रोगों (जैसे स्क्लेरोडर्मा), या कुछ दवाओं के कारण होते हैं। कुछ मामले वंशानुगत (heritable) होते हैं या बिना किसी ज्ञात कारण (idiopathic) के होते हैं। अन्य दुर्लभ कारण: सूजन संबंधी स्थितियां जैसे सारकोइडोसिस, रक्त विकार जैसे सिकल सेल रोग चयापचय संबंधी विकार जैसे थायरॉयड रोग, क्रोनिक किडनी रोग (CKD), इत्यादि सामान्य कारण हैं।
पल्मोनरी हाइपरटेंशन के लक्षण
सूखी खांसी या खांसी के साथ खून आना सीने में दर्द कमज़ोरी जी मिचलाना और उल्टी होना पेट पैरों या पंजों में सूजन सांस फूलना
चक्कर आना, जिससे बेहोशी भी हो सकती है साइनोसिस (होंठ और त्वचा का रंग नीला पड़ना) थकान पल्मोनरी हाइपरटेंशन के जोखिम कारक







हुज़ैफ़ा अबरार August 04 2026 0 1260
हुज़ैफ़ा अबरार August 06 2026 0 434
हुज़ैफ़ा अबरार August 08 2026 0 434
हुज़ैफ़ा अबरार August 02 2026 0 322
हुज़ैफ़ा अबरार August 04 2026 0 322
हुज़ैफ़ा अबरार August 02 2026 0 294
हुज़ैफ़ा अबरार August 04 2026 0 273
हुज़ैफ़ा अबरार August 01 2026 0 1393
हुज़ैफ़ा अबरार August 04 2026 0 1260
हुज़ैफ़ा अबरार August 01 2026 0 448
हुज़ैफ़ा अबरार August 06 2026 0 434
हुज़ैफ़ा अबरार August 08 2026 0 434
हुज़ैफ़ा अबरार August 02 2026 0 322
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 5075
एस. के. राणा January 20 2026 0 5012
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 4893
एस. के. राणा January 13 2026 0 4669
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 4571
एस. के. राणा February 01 2026 0 4361
एस. के. राणा February 04 2026 0 4011
सौंदर्या राय April 11 2022 0 87078
सौंदर्या राय April 08 2022 0 35001
सौंदर्या राय April 07 2022 0 38153
सौंदर्या राय April 05 2022 0 35651
लेख विभाग March 19 2022 0 35273
सौंदर्या राय March 16 2022 0 72833
दुनियाभर में कोरोनावायरस के अलग-अलग वैरिएंट्स ने तबाही मचाना जारी रखा है। ज्यादातर देशों में फिलहाल
स्वस्थ शरीर के लिए सबसे पहले मन को ठीक करना होता है। हम जहां रहते हैं, वहां हमारे आचरण से ही हमारे च
कोरोना से निपटने के लिए अश्वगंधा पर भारत और ब्रिटेन मिलकर अध्ययन करेंगे। परीक्षण यदि सफलतापूर्वक पूर
महासंघ ने मांग किया की उनको चिकित्सा स्वास्थ्य शासन के अनुभाग.7 दिनांक 27 जून-18 के पैरामेडिकल संवर्
विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से सोमवार को जारी बयान में दवा निर्माताओं से केवल फार्मास्युटिकल-ग्रेड स
टूथपेस्ट से ही दांत खराब हो रहे, उसकी जगह नीम का दातून या फिटकरी के पानी से मुंह धोकर पान का पत्ता ख
ठंड के बढ़ने से लोग वैसे ही परेशान थे। इसी बीच हार्ट और ब्रेन अटैक का खतरा अभी टला नहीं था कि, इस बी
प्रदेश में बीते 24 घंटे के दौरान 2,57,135 सैम्पल टेस्ट किए गए। इस दौरान 340 नए केसों की पहचान की गई
स्कूल का खुलना बच्चों के बीच क्रॉस इंफेक्शन की वजह बन रहा है, जिसके कारण बार-बार इंफेक्शन होने का खत
हॉस्पिटल में तीमारदारों (मरीज के परिजनों) के ठहरने की पहले से व्यवस्था है। इस नये तरह के विश्रामालय

COMMENTS