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लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) लखनऊ के पीडियाट्रिक ऑर्थोपेडिक्स विभाग द्वारा आयोजित चौथे केजीएमयू क्लबफुट कार्यक्रम एवं पोंसेटी विधि प्रशिक्षण कार्यशाला का रविवार को आयोजन किया गया। यह क्लबफुट उपचार के क्षेत्र में आयोजित अब तक की सबसे बड़ी व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यशालाओं में से एक रही, जिसमें 150 से अधिक ऑर्थोपेडिक सर्जनों एवं प्रतिभागियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य जन्मजात टेढ़े पैर (क्लबफुट) से प्रभावित बच्चों के उपचार के लिए चिकित्सकों के कौशल को बढ़ाना तथा पोंसेटी विधि के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण उपचार को अधिक से अधिक बच्चों तक पहुंचाना था।
केजीएमयू इस महत्वपूर्ण शैक्षणिक एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का मेजबान संस्थान रहा। उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के साथ आसपास के राज्यों से भी बड़ी संख्या में ऑर्थोपेडिक सर्जनों ने इसमें सहभागिता की। दिल्ली और मुंबई सहित विभिन्न प्रमुख संस्थानों से आए विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं फैकल्टी सदस्यों की भागीदारी ने कार्यक्रम को राष्ट्रीय स्तर का शैक्षणिक मंच प्रदान किया। कार्यक्रम में क्लबफुट की विभिन्न प्रकार की विकृतियों पिरानी स्कोरिंग पोंसेटी विधि की बारीकियों प्लास्टर कास्टिंग के दौरान होने वाली सामान्य गलतियों टेनोटॉमी फुट एबडक्शन ब्रेस तथा बड़े बच्चों में क्लबफुट एवं दोबारा उभरने वाली विकृतियों के प्रबंधन पर व्याख्यान आयोजित किए गए।
कार्यशाला का प्रमुख आकर्षण व्यावहारिक प्रशिक्षण सत्र रहा, जिसमें प्रतिभागियों को रबर फुट मॉडल पर प्लास्टर लगाने, क्लबफुट की विकृति का आकलन करने तथा उपचार की विभिन्न प्रक्रियाओं को सीखने का अवसर मिला। इस प्रशिक्षण ने प्रतिभागियों को अपने-अपने संस्थानों में क्लबफुट का प्रभावी उपचार प्रदान करने के लिए व्यावहारिक कौशल विकसित करने में सहायता की। प्लास्टर तकनीशियनों एवं पैरामेडिकल कर्मचारियों के प्रशिक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया गया। केजीएमयू का पीडियाट्रिक ऑर्थोपेडिक्स विभाग, CURE International India Trust के सहयोग से, क्लबफुट से प्रभावित बच्चों के उपचार, अभिभावकों की काउंसलिंग तथा चिकित्सकों के प्रशिक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।
विभाग का उद्देश्य उत्तर प्रदेश के प्रत्येक जिले में क्लबफुट उपचार की उपलब्धता को बढ़ाना और यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी बच्चे को उपचार के अभाव में आजीवन शारीरिक अक्षमता का सामना न करना पड़े। कार्यक्रम के आयोजन में डॉ. विकास वर्मा (आयोजन अध्यक्ष), डॉ. सुरेश चंद (आयोजन सचिव) तथा डॉ. सैयद फैसल अफाक (वैज्ञानिक सचिव) की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आयोजन समिति ने सभी विशेषज्ञ फैकल्टी सदस्यों, प्रतिभागियों, CURE International India Trust की टीम तथा कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान देने वाले सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
यह सफल आयोजन क्लबफुट उपचार के क्षेत्र में प्रशिक्षण, ज्ञान के आदान-प्रदान और राष्ट्रीय स्तर पर चिकित्सकीय सहयोग को बढ़ावा देने की दिशा में केजीएमयू की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस प्रकार की कार्यशालाएं न केवल चिकित्सकों के कौशल को बेहतर बनाती हैं, बल्कि हजारों बच्चों को समय पर और प्रभावी उपचार उपलब्ध कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।







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