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लखनऊ। अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित कुमार घोष ने ट्यूबरक्लोसिस (टीबी) के लिहाज से प्रदेश में सबसे ज्यादा उच्च जोखिम वाले गांव रखने वाले चार जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को अगले 18 दिन अतिगंभीर होकर काम करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि आयुष्मान आरोग्य शिविर लगाकर समस्त गांवों को कवर किया जाए। अपर मुख्य सचिव ने शनिवार को यह निर्देश प्रदेश में चल रहे 100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान की समीक्षा के दौरान दिए। समीक्षा में पाया गया कि आजमगढ़ जौनपुर बस्ती व सिद्धार्थनगर में उच्च जोखिम गांवों का कवरेज 36 प्रतिशत के आसपास हुआ है। देवरिया व कुशीनगर में भी औसत से कम कवरेज हुआ है। अभियान में केवल 18 दिन शेष हैं। इन जिलों में आयुष्मान आरोग्य शिविर व अन्य गतिविधियां बढ़ाई जाएं ताकि 100 दिनों के अभियान के पूरा होने पर शत-प्रतिशत गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीमें पहुंचकर ग्रामीणों की जांच कर सकें।
अपर मुख्य सचिव ने सभी मरीजों को पोषण पोटली दिलाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके लिए स्थानीय उद्योगपतियों व्यापारियों व सीएसआर फंड का उपयोग करने की बात कही। उन्होंने टीबी प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट (टीपीटी) और डिफ्रेंशिएटेड टीबी केयर बढ़ाने के निर्देश दिए।
उन्होंने प्रदेश के तकरीबन एक हजार टीबी विजेताओं व फ्रंटलाइन वर्कर के साथ संवाद किया। उन्होंने कहा आपकी भूमिका बहुत अहम है। आप सभी मरीजों को टीबी मुक्त भारत एप डाउनलोड कराएं। इससे वह अपनी रोजाना की स्थिति से अवगत रहेगा।
समीक्षा के दौरान राज्य क्षय रोग अधिकारी डॉ. ऋषि कुमार सक्सेना ने 100 दिवसीय टीबी अभियान की प्रगति से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी जिलों को उच्च जोखिम गांवों की संख्या के हिसाब से चार श्रेणी में विभाजित किया गया है। 100 से कम हाईरिस्क गांव वाले पांच जिले हैं। 100 से 300 हाईरिस्क वाले 32 जिले हैं। 300 से 600 हाईरिस्क वाले 30 जिले हैं और 600 से अधिक हाईरिस्क वाले प्रदेश में आठ जिले हैं। इन आठ जिलों में प्रयागराज, गोरखपुर व बिजनौर अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। बाकी पांच जिलों (आजमगढ़, जौनपुर, बस्ती, सिद्धार्थनगर, गाजीपुर) में गतिविधियां बढ़ाने, आयुष्मान आरोग्य शिविर लगाकर फोकस काम करने की जरूरत है। इस पर अपर मुख्य सचिव ने इन पांचों जिलों के सीएमओ से प्रतिदिन शाम को डीटीओ के साथ समीक्षा करने के निर्देश दिए।
राज्य क्षय रोग अधिकारी ने बताया कि प्रदेश में कुल 26,722 हाईरिस्क गांव हैं। इनमें से 17741 गांव में आरोग्य शिविर लगाए जा चुके हैं। गौतमबुद्ध नगर बागपत गाजियाबाद हापुड़ शामली मेरठ झांसी रामपुर कन्नौज आगरा कानपुर नगर बुलंदशहर व सहारनपुर में शत-प्रतिशत गांवों में स्वास्थ्य टीमें पहुंचकर जांच कर चुकी हैं। समीक्षा बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की मिशन निदेशक डॉ पिंकी जोवेल स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ पवन कुमार अरुण महानिदेशक परिवार कल्याण डॉ एचडी अग्रवाल व समस्त जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) व जिला क्षय रोग अधिकारी (डीटीओ) मौजूद थे।
• अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य ने 100 दिवसीय टीबी मुक्त अभियान की समीक्षा के दौरान दिए निर्देश
• आजमगढ़, जौनपुर, बस्ती, सिद्धार्थनगर, देवरिया व कुशीनगर में शिविर लगाकर समस्त गांव कवर करने की दी हिदायत
• सभी टीबी मरीजों को टीबी मुक्त भारत एप डाउनलोड कराएं
• सभी मरीजों को पोषण पोटली दिलाना करें सुनिश्चित







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